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Friday, 7 April 2017

हेलमेट और मेरा दोस्त

हेलमेट और मेरा दोस्त 

एक दिन मेरा दोस्त राज शहर घूमने आया था। उसने मुझसे मोटरसाइकिल मांगी। मैने उसे गाडी दे दी और साथ में हेलमेट भी दिया। 
तो राज ने कहा" इसकी क्या जरूरत है।"
मैने कहा लगा लो सिर की सुरक्षा के लिये जरूरी है।
राज ने कहा "अरे कोई नही लगाता यार,रहने दे।"
पर मैने उसे हेलमेट लगाने पर ही गाड़ी देने की बात कही तो उसने लगा लिया। और वह चला गया।
वापस आकर उसने बताया कि
"यार यहाँ से थोड़ी दूर जाते ही मेरा फोन आ गया मैने हेलमेट उतार कर आगे रख लिया बात करते करते चला रहा था एक गड्डा आया बेलेंस बिगड़ा मै गिरते गिरते बचा पर फोन की स्क्रीन टूट गयी। 
आगे चला की चेहरे पर मधुमखी ने काट लिया। मै कुछ देर रुका फिर हेलमेट लगा कर चल पड़ा शहर में पँहुच कर है। हेल्मेट उतार दिया बीच शहर में  पुलिसवाले ने रोक लिया। उसने कहा आपका चालान होगा हेलमेट न पहनने का।
मैने कहा थानेदार साब हमारे रिश्तेदार ह। पर वह नही माना
मैने फोन निकाला पर स्क्रीन टुटा हुआ था।
मैने उससे प्रार्थना की तो उसने कहा क्या हुआ फोन करना है
और अपना फोन दिया। अब मुझे नम्बर याद नही आ रहा था । उसने मुझे थानेदार साब का नम्बर डायल कर दिया।
मै बोला अंकल मै राज बोल रहा हूँ ये सिपाही बोल रहा है हेलमेट का चालान होगा। 
तो ऊधर से आवाज आयी हाँ तो होगा। 
मै बोला तो इसको बोलो न जाने दे।
तो वो बोले चालान भर दो और जाओ ना गलती का जुर्माना तो होगा ही ना इसमे रिश्तेदारी क्या करे।
अगर एक्सिडेंट होता क्या हमारे रिस्तेदार को चोट नही आएगी क्या। अगर गलती तुमने की है तो जुर्माना तुम भरो अगर पेसे न है तो मेरे खाते में से काट ले मेरा खाता नम्बर ह उसके पास ।
मै चुप था सोच रहा था ।
पुलिसवाले ने बोला अब तो पुलिसवालो, नेताओ, प्रेसवालो सबके चालान का कानून है।
मैने चालान कटवाया और जुर्माना भरा।
हेलमेट लगाया और घर के लिए निकल पड़ा।
गुस्से में गाड़ी तेज चल रही थी दिमाग में कई बाते घुम रही थी। अचानक सामने गाड़ी दिखी बेलेंस बिगड़ा और मै सड़क से निचे गिरा।
हाथ पैर में चोट आयी पर सिर पर हेल्मेट होने से बिल्कुल भी चोट नही आयी।
धन्यवाद हेलमेट का और तेरा जो मुझे हेलमेट दिया। जिससे मेरी जान तो बच गई।
इस तरह मै घर पंहुचा हूँ अब अस्पताल ले चल यार।

प्रिय दोस्तों,
         सड़क सुरक्षा जन जनजगरुकता अभियान से जुड़े अधिक से अधिक लोगोँ को जोड़े, जागरूक करें, दोस्तों को भी भेजें 
क्योंकि आजकल जनता किसी बीमारी से कम और सड़क दुर्घटनाओ से ज्यादा मर रहे है।
सोचे विचार करें और एक मजबूत साहसिक निर्णय लें।

Be aware  Be alert  Be safe
धन्यवाद  -   "शेखावत साब"

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