Traffic foundation

Friday, 22 September 2017

सडक़ दुर्घटनाओं से कैसे बचें।

आजकल हर रोज सड़क दुर्घटनायेंं होना आम बात हो गयी है कारण है वाहनों की तेज गति, लापरवाही और जल्दबाज़ी।
कई लोग सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त होते हैं, कुछ मारे जाते है और बहुत से अधिक घायल हो जाते हैं या अपंग हो रहे हैं।
           
           तो हमें सड़क का सही से और सुरक्षित रूप से उपयोग करने के लिए यातायात के नियमों को सीखना चाहिए। कम से कम अपनी गलती की वजह से किसी व्यक्ति के साथ सड़क दुर्घटना नहीं होनी चाहिए।
 
         आजकल यातायात के साधन बहुत हो गये है सभी सड़को पर यात्री भार बढ़ गया इसलिए सभी सड़के बहुत व्यस्त हैं अतः इसलिए रास्ता पार करने के लिए हमें बहुत सावधान रहना चाहिए। एक पैदल पार पथ या एक ऊपरी पुल उपलब्ध होता हैं तब हमें उनका उपयोग करनाचाहिए। 
              
             हमें भागकर सड़क कभी पार नहीं करना चाहिएयह खतरनाक हो सकता है। जब गाडियां क्रॉसिंग नहीं हो, हमें ध्यान से दांए और बाएँ देखना चाहिए फिर सडक़ पार करनी चाहिए क्योंकि ऐसा करना सुरक्षित है।
             कुछ बच्चों को स्कूल जाने के लिए बस लेने आती हैं बच्चों को बताये कि हमें चलती हुई बस नहीं पकड़नी चाहिए और नहीं चढ़ना चाहिए, ये बहुत ही महत्वपूर्ण है। एक बार एक बच्चे ने चलती हुई बस पकड़ने की कोशिश की थी. वो उसे घसीटते हुए ले गयी. उसके पैर पर खरोंच और फेक्चर हो गया। लेकिन वो लकी था कि वह बच गया। 
         
           बस में भी हमें सावधानी बरतनी चाहिए संभलकर रहना चाहिए अगर बस में अचानक ब्रेक लगा दिया तो हादसा हो सकता है. हम बस के अंदर किसी चीज से टकरा सकते है.

               
  साइकिल और मोटरसाइकिल चलाते हो तो सतर्क रहना है, हेलमेट लगा कर गाड़ी चलाये। हमें रास्ते पर ध्यान देना चाहिए और हमें रास्ते के बिच में साइकिल नहीं चलानी चाहिए। हमेशा अपनी लाइन में या सडक़ के किनारों की तरफ चले। हमें ट्रैफिक रूल्स फ़ॉलोऊ करने चाहिए. हमारी साइकिल की कंडीशन चेक करनी चाहिए। मोटरसाइकिल के ब्रेक, लाइट चेक करने चाहिए।

            ये कुछ बातें हम दुर्घटनाओं से बचने के लिए कर सकते हैंं, हालांकि वहाँ कोई गारंटी नहीं है कि हम दुर्घटनाओं में कभी शामिल नहीं होंगे। महत्वपूर्ण बात यह है की सड़कों का उपयोग करते समय हर समय हमको सतर्क रहना है। हमें पता होना चाहिए की हमारे आसपास क्या हो रहा है। हम सड़कों का उपयोग कैसे करते है यही सड़क सुरक्षा के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण बात है। 
              
               सड़क पर वाहन को ध्यान से चलाया करें जिससे हम एक लंबे समय के लिए उन का उपयोग करने में सक्षम हो सकते है। अगर वाहन का लापरवाही से प्रयोग करेंगें तो दुर्घटना हो सकती है और हम कभी उन्हें फिर से उपयोग करने में सक्षम नहीं  हो सकते है।
             
        सडक़ पर सुरक्षित सफर के लिए जागरूकता और सतर्कता बेहद जरुरी हैं। अतः सडक़ पर यातायात नियमों का पालन अवश्य करें।

Be Aware Be Alert Be Safe Be Positive

Wednesday, 20 September 2017

हेलमेट जरूरी क्यों - सिर सलामत तो जान सुरक्षित

आजकल सडक़ हादसों में ज्यादातर लोगों की मौके पर ही मौत हो जाती हैं। कारण सिर्फ एक, सिर पर हेलमेट न होना।
हेलमेट को बोझ समझने की सोच के कारण एक जिदंगी घडी़ भर में मौत की आगोश में चली जाती है।
               जरा विचार करे आपकी जिंदगी इतनी सस्ती नहीं हो सकती।
                  - आंखों देखी -
   एक दिन की बात है - "मैं डीडवाना से रोडवेज बस में सीकर जा रहा था। शहर में सड़क पर बहुत भीड़ थी। कोई रैली थी। सडक़ पर जाम लगा हुआ था। बस धीरे धीरे आगे बढ़ रही थी करीब बीस मिनट के बाद हमें जगह मिली वो भी रैली के दूसरे मार्ग पर जाने से अगर जाम नहीं होता तो बीस मिनट का रास्ता दो मिनट मे पार हो जाता।
        हमारे पिछे सडक़ पर स्कूल बसें, कार, टेक्सी, मोटर साईकिले थी। एक एम्बुलेंस का सायरन भी बज रहा था। ड्राइवर उसे चाह कर भी साइड नही दे पा रहा था जैसे ही थोड़ी जगह मिलती मोटरसाइकिल वाले गाड़ी फंसा देते, ड्राइवर होर्न बजाता तो वो लोग चिल्लाते 'क्ई ऊपर चढासी की।'  ये है गलती करके ऊपर से आँख दिखाना।
    अगर वह लोग यातायात व्यवस्था का पालन करके रैली करते तो न जैम लगता और न ही समय, किसी को भी देर नही होती। उनकी वजह से रोगी की जान न जाती, विद्यार्थियों की परीक्षा और पढ़ाई नहीं छुटती, किसी को तकलीफ नहीं होती।
ज्ञापन तो शांति से भी दिया जा सकता है सबको परेशान करके क्या फायदा।
     खैर हमारी बस चल पड़ी मेगा हाईवे पर चल रहे थे एक मोटरसाइकिल वाला बाइक की लाइन को छोड़ कर ड्राइवर साइड से बस को पार कर रहा था तेज रफ्तार से अचानक सामने से ट्रक आ रहा था बाइक वाले का नियंत्रण बिगड़ गया ओर वह फिसल गया। ट्रक वाले ने ब्रेक लगा लिये नही तो वह निचे आ जाता। परन्तु मोटरसाइकिल वाला एक पत्थर से टकरा गया जिसके कारण उसके सिर में चोट लगी बहुत खून बहने लगा। थोड़ी देर में वहां लोगों की भीड़ एकत्रित हो गयी।
हमनें एबुलेंस को फोन किया। पर उसकी सिर में चोट लगने और खुन बहने से मौके पर ही मौत हो गयी।
           उस दिन वहाँ सब बातें कर रहे थे कि अगर इसने हेलमेट पहना होता तो शायद आज इसकी जान बच जाती।"
            सड़क पर गलती या लापरवाही किसी की भी हो दुर्घटना होने पर चोट सबको लगती हैं। और सिर पर लगने वाली चोट जानलेवा भी हो सकती हैं।
              अतः सड़क पर जागरूकता और सतर्कता ही आपके साथी हैं। यातायात नियमों का पालन करें। ये हमारी सुरक्षा के लिए ही बनाये गये हैं।

Be Aware Be Alert Be Safe Be Positive
      

Monday, 18 September 2017

सड़क दुर्घटना - एक निबंध

आज हमारे देश में सबसे ज्यादा लोगों की मौते किसी बीमारी के बजाय, सड़क हादसों में हो रही है। आधुनिक युग में सड़क दुर्घटना एक आम सी बात हो गयी है वास्तव में वाहनों की बढ़ती संख्या और सड़क सुरक्षा आज भारत के लिए एक बड़ी समस्या है।
          इससे निपटने के लिये सख़्त कानून की जरूरत है और उसके साथ ही सब नागरिकों की नैतिक जिम्मेदारी समझ सड़क सुरक्षा के नियमों की पालना को अपना कर्तव्य माने तो सड़क दुर्घटनाओ को काफी हद तक कम किया जा सकता हैं।
          सड़क पर होने वाली ऐसी दुर्घटनाओं का मुख्य कारण लोगों द्वारा सड़क यातायात नियमों की अनदेखी करना है। तेज़ गति में गाडी चलाना , नशे में ड्राइविंग और गलत दिशा में गाड़ी चलाना आदि दुर्घटनाओं की मुख्य वजय है। सबसे ज्यादा हादसे वाहन चालकों की लापरवाही के चलते होते हैं इसमें सबसे अधिक नशीले पदार्थों का सेवन जा अधिक माल लादना प्रमुख हैं।
              देश में होने वाली सड़क सड़क दुर्घटनाओं में तकरीवन 80 फ़ीसदी दुर्घटनाएं वाहन चालक की गलती से होती हैं इसीलिए हादसों को रोकने के लिए सबसे अधिक ध्यान वाहन चालकों की गलती को सुधारने में करना चाहिए। ज्यादा से ज्यादा वाहन चालकों को प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।
                 सड़क सुरक्षा के लिए यातायात नियमों की पालना करें तभी सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा शिकार युवा वर्ग होता है। सड़क दुर्घटना को किस्मत नहीं माना जा सकता सड़क दुर्घटना को रोकना तो हमारे हाथ में हैं। इसके लिए सड़क पर चलने के कुछ नियम हों गति सीमा , सीट बेल्ट बांधना , ड्राइविंग के समय मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल ना करना , हेलमेट पहनना , नशे में ड्राइविंग ना करना जैसे और भी कई नियम बनाये जाएं बल्कि इन सभी का कड़ाई से पालन भी करवाया जाए। इसके लिए सड़कों पर जगह -जगह कैमरे लगाये जाए , गति मापक यंत्र लगाये जाएँ , नशे में वाहन चलाने पर लाइसेंस रद्द किया जाए।
             इसके इलावा बच्चों को सड़क सुरक्षा के नियमों और उनके महत्व के बारे में अवश्य बताना चाहिए। भारत के नागरिकों को चाहिए के वाहन शौंक के लिए नहीं बल्कि इन्हे जरूरत के रूप में ही इस्तेमाल करें दूसरे देशों की तरह भारत में भी नागरिकों को ज्यादातर पैदल चलने और साईकल का इस्तेमाल करने की आदत डालनी चाहिए जिससे पर्यावरण स्वच्छ रखने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लायी जा सकती है। इसके इलावा सड़कों में इतना सुधार और इन्हें इतना सुरक्षित करना होगा के पैदल चलने जा साईकल चलाने में लोग ख़ुशी महसूस करें।
      सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चलते वक्त हमेशा फूटपाथ का प्रयोग करना चाहिए यहां फूटपाथ अगर ना हो तो हमेशा सड़क के बायीं तरफ ही चलें।
       ग्रीन सिग्नल होते ही सड़क पार करें इसके इलावा ट्रैफिक पुलिस के निर्देश अनुसार सड़क पार करें।
            सड़क पर चलते समय मोबाइल फ़ोन का प्रयोग नहीं करना चाहिए और यदि मोबाइल का इस्तेमाल करना भी हो तो रुक कर किसी सुरक्षित जगह देखकर ही करें।
         सड़क नियमों की जागरूकता से ही सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और हमारी सतर्कता से ही सड़क दुर्घटनाओ से बचा जा सकता हैं।
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Friday, 15 September 2017

बच्चे और सड़क सुरक्षा

हम सबको सड़क सुरक्षा पर पूरा ध्यान देना चाहिये चाहे वो वाहन का इस्तेमाल करता हो या नहीं। बड़ों के मार्गदर्शन की कमी के कारण सड़क हादसों, छोटी चोट या बड़ी चोटें यहाँ तक की मृत्यु की ओर बच्चे और विद्यार्थी सबसे कमजोर समूह हैं। उनके शुरुआती समय में सड़क सुरक्षा नियमों और उपायों के बारे में बच्चों को अच्छे से जागरुक बनाने में कोई देर नहीं होनी चाहिये। ये माता-पिता और शिक्षकों का कर्तव्य है कि वो उन्हें अच्छे से मार्गदर्शन दें।
बच्चों के लिये सड़क सुरक्षा ज्ञान की जरुरत
आँकड़ों के अनुसार, ये पाया गया है कि ज्यादातर सड़क दुर्घटना मामले जिसमें बच्चे शामिल होते हैं, क्योंकि वो दूसरे आयु वर्ग के समूह से ज्यादा खतरे पर होते हैं। उन्हें अपने शुरुआती समय से ही सड़क सुरक्षा ज्ञान और शिक्षा की जरुरत है। उनके पाठ्यक्रम में इसे विषय के रुप में जोड़ने के द्वारा उनके घर और स्कूल से ही इसकी शुरुआत होनी चाहिये। यहाँ दिये निम्न बिंदु इस बात की तस्दीक करेंगे कि क्यों सड़क सुरक्षा बहुत जरुरी है:
  • बच्चे, बच्चे होते हैं, यातायात परिस्थिति के दौरान घर या दूसरी जगहों खासतौर से सड़क में वो अगला क्या करेंगे कोई भी इसके बारे में आश्वस्त नहीं है।
  • बच्चे बिल्कुल निर्दोष होते हैं, सड़क पर तेज गति से चलने वाले वाहनों का वो मूल्यांकन नहीं कर सकते हैं।
  • उनके छोटे कद के कारण चालक भी सड़क पर उनके मूड को भाँप नहीं सकता जब वो वाहन के सामने सड़क को पार करने की कोशिश करते हैं।
  • वो अंदाजा नहीं लगा सकते कि कैसे प्राय: वाहन खाली सड़क पर आ जाते हैं।
  • वो सड़क को कहीं से भी पार सकते हैं क्योंकि उन्हें सड़क को पार करने के लिये उचित तरीका नहीं पता होता।
  • वो जल्दी ही डर जाते हैं और ये नहीं समझ पाते कि उन्हें क्या करना चाहिये जब वो वाहन को अपनी ओर आते हुए देखते हैं।
बच्चों के लिये सड़क सुरक्षा नियम
सड़क पर उन्हें जिम्मेदार पैदल यात्री बनाने के द्वारा सड़क हादसों से बच्चों को बचाने में निम्न कुछ जरुरी सड़क सुरक्षा नियम महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं:
  • अभिवावकों को अपने बच्चों को अतिरिक्त सावधान बनाना चाहिये और सड़क को पार करने से पहले हर तरफ (बाँये और दाँये) देखने के बारे में सिखाना चाहिये।
  • बच्चों को सड़क पार करते हुए अपने बड़ों या दोस्तों का हाथ हमेशा पकड़े रहना चाहिये।
  • उन्हे कभी-भी सड़क पर दौड़ना नही चहिये, माता-पिता का हाथ छोड़ना या जल्दी में नहीं होना चाहिये और धैर्य रखें।
  • किसी भी वजह से उनका ध्यान न बँटे और सड़क पर उन्हें अधिक सचेत होने की जरुरत है।
  • केवल फुटपाथ का अनुसरण करने के लिये उनके अभिवावकों द्वारा उन्हें अभ्यस्त बनाना चाहिये या हमेशा सड़क पर बाँये तरफ का प्रयोग करें जहाँ फुटपाथ अनुपलब्ध हो।
  • पैदलयात्रीयों के लिये यातायात सिग्नलों को देखने के बाद चौराहे पर केवल सड़क को पार करने के लिये उन्हें सिखाना चाहिये।
  • सड़क पर रंगों के मायने (लाल अर्थात् रुको, हरा अर्थात् चलो और पीला का भी अर्थ रुकना है), यातायात लाईट की मूल जानकारी और यातायात चिन्हों के महत्व को उन्हें जरुर बताएँ।
  • कार या बस से बाहर आने के दौरान पैसेंजर सीट के पीछे की तरफ का इस्तेमाल उन्हें करना चाहिये।
  • बच्चों को सड़क पर या खेलने की जगह से बाहर के क्षेत्र में नहीं खेलने के बारे में बच्चों को सिखाना चाहिये।
  • ब्रेक, हार्न और स्टीयरिंग या हैंडल के कार्य को ठीक से जाँचने के द्वारा सड़क पर साईकिल चलाने के दौरान सभी उपयों के इस्तेमाल और हेलमेट को जरुर पहनना चाहिये।
  • सड़क पर साईकिल चलाने के दौरान बच्चों को ईयरफोन या गाना सुनने का कोई दूसरा यंत्र नहीं प्रयोग करना चाहिये।
  • कार चलाने के दौरान सीट-बेल्ट या बाईक चलाने के दौरान हेलमेट पहनने के लिये अभिवावक को उन्हें सिखाना चाहिये। एक अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करने के लिये गाड़ी चलाने के दौरान अभिवावकों को सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का अनुसरण करना चाहिये क्योंकि अपने बच्चों के जीवन में माता-पिता ही पहला उदाहरण किसी कार्य को सीखने के लिये बनते हैं।
निष्कर्ष
सड़क हादसों और चोट के मामलों की संख्या को कम करने के साथ ही सावधान और सुरक्षित होने के लिये सभी आयु वर्ग के लोगों के लिये सड़क सुरक्षा बहुत जरुरी है। इसलिये, सभी को सख्ती से सड़क यातायात लाईटों के सभी नियमों, नियंत्रकों और चिन्हों का अनुसरण करना चाहिये। स्कूल में शिक्षकों के द्वारा उचित शिक्षा पाने और घर पर अपने अभिवावकों से बच्चों को सही ज्ञान के द्वारा सड़क सुरक्षा के बारे में अच्छे से अभयस्त होना चाहिये।
परिवार के बड़े सदस्य अगर यातायात नियमों और कानून का सम्मान करते हो तो बच्चे उनका अनुसरण करते हैं। तो आप जागरूक सतर्क और सभ्य बन बच्चों के लिए एक आदर्श बनें।
Be Aware Be Alert Be Safe Be Positive

Wednesday, 13 September 2017

सड़क सुरक्षा

आजकल वाहनों के टकराव और उचित सड़क सुरक्षा उपायों की अनदेखी के कारण सड़क हादसे बेहद आम होता जा रहा है। लोगों द्वारा सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी और वाहनों की भिड़ंत से हादसों से होने वाली मौतों की संख्या बढ़ रही है। सभी सड़कें पूरे दिन के लिये व्यस्त होती हैं जहाँ वाहन अपने उच्च गति से दौड़ती है। आज की दुनिया में लोगों को अपने नीजि वाहनों की आदत है जिसकी वजह से सड़कों पर यातायात की समस्या पहले के मुकाबले ज्यादा बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में, सावधानीपूर्वक सुरक्षित चालन की क्रिया के लिये यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा नियमों का अनुसरण लोगों से अपेक्षित है। तब जाकर कहीं सड़क हादसों पर काबू पाया जा सकेगा।
सड़क पर चालन शुरु करने से पहले हरेक व्यक्ति को रक्षात्मक चालन कोर्स (किसी मान्यता-प्राप्त चालन स्कूल के द्वारा अधिकृत प्रशिक्षक के तहत मार्गदर्शन) जरुर करना चाहिये। सड़क सुरक्षा उद्देश्यों के लिये ये बहुत जरुरी है। विभिन्न दुर्घटनाओं और जीवन को सड़क पर बचाने के लिये वाहन (वाहनों को कैसे संचालित करें) या खुद से उत्पन्न हुई गंभीर स्थिति को संभालने का तरीका सभी को जरुर पता होना चाहिये। एक महत्वपूर्ण विषय के रुप में स्कूल में सड़क सुरक्षा उपायों को जरुर जोड़ना चाहिये जिससे चालन से पहले ही अपने शुरुआती समय में ही विद्यार्थीयों को इसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हो सके। वाहनों के संचालन और उचित सड़क सुरक्षा उपायों के बारे में गलत जानकारी के कारण ज्यादातर सड़क हादसें होते हैं। दिनों-दिन सड़क पर गाड़ी चलाना असुरक्षित बनता जा रहा है। कई बार लोग लंबे समय तक अपने नीजि वाहनों को बिना किसी नियमित रख-रखाव और मरम्मत के रखते हैं, इसलिये ये बहुत जरुरी है कि समय से मरम्मत के साथ वाहनों की ठीक ढंग से कार्य करने की स्थिति के प्रति आश्वस्त रहें। ये केवल वाहन के जीवन को ही नहीं बढ़ाता है; हादसों को घटाने में भी मदद करता है। चालक को गाड़ी का ब्रेक अच्छे से जाँचना चाहिये और ब्रेक खराब होने की चेतावनी चिन्ह के बारे में पता होना चाहिये।
किसी भी यात्रा पर जाने से पहले प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स, आपातकालीन टूल, उचित मात्रा में गैसोलिन आदि रखने के साथ ही वाहन की पूरी जाँच करनी चाहिये। 
      सड़क यात्रा में आपकी जागरूकता और सतर्कता आपकी, अपनों की और दूसरों की जान बचा सकती हैं। क्योंकि हादसे पुछ कर नही होते। लापरवाही आपकी हो या दूसरों की दुर्घटना होने पर चोट सबको लगती हैं।....

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Saturday, 2 September 2017

राजस्थान सडक़ सम्बन्धी सवाल

राजस्थान : परिवहन जानकारी


Q. 1. मुख्यमंत्री सड़क योजना के प्रारंभ होने का वर्ष है -
   (1) 2002
   (2) 2003
   (3) 2004
   (4) 2005 ✔
Q. 2. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रारंभ होने का वर्ष है -
   (1) 1999
   (2) 2000 ✔
   (3) 2002
   (4) 2004
Q. 3. राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम का स्थापना वर्ष है -
   (1) 1962
   (2) 1964 ✔
   (3) 1966
   (4) 1969
Q. 4. सीमा सड़क संगठन स्थापना वर्ष है -
   (1) 1955
   (2) 1958
   (3) 1960 ✔
   (4) 1964
Q. 5. राजस्थान भू-क्षेत्र में लम्बाई की दृष्टि से राज्य से गुजरने वाले निम्नलिखित राष्ट्रीय राजमार्गों का सही आरोही क्रम है -
   (1) राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या  79 - 114 - 3 - 89
   (2) राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या  3 - 114 - 79 - 89 ✔
   (3) राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या  89 - 114 - 3 - 79
   (4) राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या  89 - 114 - 79 - 3
Q. 6. राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लम्बाई है -
   (1) 7806 किमी ✔
   (2) 5655 किमी
   (3) 6240 किमी
   (4) 6820 किमी
Q. 7. सड़कों से जुड़े सर्वाधिक गाँव राजस्थान के किस जिले में है ?
   (1) जयपुर में
   (2) जोधपुर में
   (3) कोटा में
   (4) गंगानगर में ✔
Q. 8. सड़कों से जुड़े न्यूनतम गाँव राजस्थान के किस जिले में है?
   (1) बाड़मेर में
   (2) सिरोही में ✔️
   (3) जैसलमेर में
   (4) बीकानेर में
Q. 9. राजस्थान के वे जिले जिनसे होकर कोई राष्ट्रीय राजमार्ग नहीं गुजरता है -
   (1) हनुमानगढ़ व झुंझुनू ✔
   (2) बांसवाड़ा व डूँगरपुर
   (3) चुरू व झुंझुनू
   (4) बीकानेर व डूँगरपुर
Q. 10. राजस्थान में सर्वाधिक राजमार्गों की संख्या वाला है -
   (1) जोधपुर
   (2) जयपुर
   (3) पाली
   (4) अजमेर ✔
Q. 11. अजमेर में लोको कारखाना स्थापित होने का वर्ष है -
   (1) 1872
   (2) 1876
   (3) 1879 ✔
   (4) 1885
Q. 12. राजस्थान में सर्वाधिक लम्बी सड़कों वाला जिला है -
   (1) जोधपुर
   (2) जयपुर
   (3) बाड़मेर ✔️
   (4) अजमेर
Q. 13. राजस्थान में राष्टीय राजमार्गों की संख्या है -
   (1) 16
   (2) 38 ✔
   (3) 22
   (4) 25
Q. 14. निम्न में से किस शहर में हवाई अड्डा नहीं है?
   (1) उदयपुर
   (2) अजमेर ✔
   (3) कोटा
   (4) जोधपुर
Q. 15. राजस्थान में प्रति 100 वर्ग किमी क्षेत्र में सड़कों की लम्बाई कितनी है?
   (1) 63.61 किमी ✔️
   (2) 48 किमी
   (3) 56 किमी
   (4) 64 किमी
Q. 16. राजस्थान में प्रथम रेल की शुरुआत कहाँ से कहाँ तक हुई?
   (1) आगरा फोर्ट से बाँदीकुई तक ✔
   (2) भरतपुर से जयपुर तक
   (3) उदयपुर से चित्तौड़गढ़ तक
   (4) दिल्ली से बाँदीकुई तक
Q. 17. राजस्थान के किस जिले में कोई राजमार्ग नहीं गुजरता है?
   (1) डूंगरपुर
   (2) बाँसवाड़ा
   (3) दौसा
   (4) हनुमानगढ़ ✔️
Q. 18. राजस्थान सड़क विकास निधि विधेयक के पारित होने का वर्ष है -
   (1) 2001
   (2) 2002
   (3) 2003
   (4) 2004 ✔
Q. 19. जिसको वैगन कारखाना स्थित है -
   (1) अलवर में
   (2) फुलेरा में
   (3) अजमेर में
   (4) भरतपुर में ✔
Q. 20. पश्चिमी रेलवे क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र, उदयपुर का स्थापना वर्ष है -
   (1) 1962
   (2) 1964
   (3) 1965 ✔
   (4) 1967
Q. 21. राजस्थान में न्यूनतम सड़क वाला जिला है -
   (1) बाड़मेर
   (2) जैसलमेर
   (3) दौसा
   (4) धौलपुर ✔
Q. 22. राजस्थान का सबसे लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग है -
   (1) राष्टीय राजमार्ग संख्या - 11
   (2) राष्टीय राजमार्ग संख्या - 65
   (3) राष्टीय राजमार्ग संख्या - 12
   (4) राष्टीय राजमार्ग संख्या - 15 ✔
Q. 23. राजस्थान का सबसे छोटा राष्टीय राजमार्ग है -
   (1) राष्टीय राजमार्ग संख्या - 71B ✔
   (2) राष्टीय राजमार्ग संख्या - 11
   (3) राष्टीय राजमार्ग संख्या - 12
   (4) राष्टीय राजमार्ग संख्या - 65
Q. 24. राजस्थान में सड़कों का सर्वाधिक घनत्व वाला जिला है -
   (1) जयपुर
   (2) जोधपुर
   (3) अजमेर
   (4) राजसमन्द ✔
Q. 25. राजस्थान में सड़कों का न्यूनतम घनत्व वाला जिला है -
   (1) बाड़मेर
   (2) चूरू
   (3) जैसलमेर ✔
   (4) बीकानेर
Q. 26. राजस्थान से होकर गुजरने वाला व्यस्ततम राष्टीय राजमार्ग है -
   (1) राष्टीय राजमार्ग संख्या - 8 ✔
   (2) राष्टीय राजमार्ग संख्या - 11
   (3) राष्टीय राजमार्ग संख्या - 14
   (4) राष्टीय राजमार्ग संख्या - 12
Q. 27. उत्तरी - पश्चिमी रेलवे का मुख्यालय है -
   (1) अजमेर में
   (2) जोधपुर में
   (3) जयपुर में ✔
   (4) कोटा में
Q. 28. वर्तमान में राजस्थान में रेलवे जोन एवं मण्डल कार्यालय की संख्या क्रमशः है -
   (1) दो जोन एवं पाँच मण्डल
   (2) तीन जोन एवं चार मण्डल
   (3) एक जोन एवं पाँच मण्डल ✔️
   (4) चार जोन एवं आठ मण्डल
Q. 29. राजस्थान में प्रथम रेल की शुरुआत किस वर्ष हुई?
   (1) 1870
   (2) 1874 ✔
   (3) 1877
   (4) 1890
Q. 30. सांगानेर, जयपुर देश का किस नम्बर का अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है?
   (1) 12 वाँ
   (2) 13 वाँ
   (3) 14 वाँ ✔
   (4) 15 वाँ

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