Traffic foundation

Saturday, 15 April 2017

बस की यात्रा का अनुभव


    एक बार की बात है। मै सड़क मार्ग से यात्रा पर जा रहा था।आज और दिन से ज्यादा भीड़ थी। शायद कोई मेला था।बस के अंदर भारी भीड़ थी और कई लोग ऊपर भी बेठे थे। बस थोड़ी दूर चलती और कुछ लोग हाथ देकर रुका लेते कुछ अंदर तो कुछ ऊपर चढ़ जाते। इतने में एक ठसाठस भरी बस पास में से तेज गति से निकली आगे एक मोड़ पर अचानक ब्रेक लगाने से दो आदमी ऊपर से निचे गिर गये। एक के सर में चोट लगने से उसकी मौत हो गई और एक बुरी तरह घायल हो गया। बस रुकी हम लोगो ने उनको एक गाड़ी में डाल के सीकर अस्पताल के रवाना किया। हमारी बस चल पड़ी कुछ लोग उतरे कुछ फिर चढ़ गये। कुछ लोग बस के दरवाजे पर लटके हुऐ थे। एक जम्प पर गाड़ी उछली तो दो व्यक्तियों का हाथ छुट गया। एक सड़क पर पलटी खाता हुआ खाई में जा गिरा और दूसरा बस के टायर के निचे आ गया । दोनों टांगो पर से टायर निकल गया।पैर बुरी तरह से कुचले जा चुके थे। बस में जोरदार का हल्ला हुआ ड्राइवर ने ब्रेक मारा पीछे से आ रही कार बस के पीछे आधी निचे घुस गई । कार ड्राइवर और उसका साथी घायल हो गये।
  एक ही दिन में इतने हादसों ने मुझे तो अंदर तक झकझोर कर रख दिया। आज मुझे पता चला की सड़क सुरक्षा और यातायात नियम क्यों जरूरी है । अतः हमारे स्कूली पाठ्यक्रम में सड़क सुरक्षा अनिवार्य विषय होना चाहिए। बच्चों को नियमो के बारे में बताये, उनका पालन करने का कहे। सरकार सख्त से सख्त कानून बनाये। हमारी समझदारी और सतर्कता बहुत जरूरी है।
फिल्मो के द्वारा समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति सकारात्मक एव कानून का पालन करने की भावना का ही प्रचार करें।
सड़के साफ सुथरी एंव सही हो। मार्ग में यातायात सुरक्षा संकेत लगे हो। मोड़ पर जगह ज्यादा एव सुरक्षित हो।
हर व्यक्ति जागरूक होना चाहिए।
सड़क पर पैदल चल रहे हे तो फुटपाथ पर चले।
सड़क पर गन्दगी ना करें।
मार्ग में पड़े छोटे पत्थर हटा दे।
दुसरो की मदद करें।
घायलों की सहायता करें।
लोगो को जागरूक करे।
गाड़ी धीरे चलाये।
बेवजह ओवरटक ना करे।
गाड़ी चलाते समय फोन पर बात ना करे।
हमेशा हैलमेट और सिटबेल्ट अवश्य लगाये।
बेवजह हार्न भी ना बजाएं।
अपने बच्चों को सड़क पार करना सिखाये।
यातायात के नियमो के बारे में बताये।
गाड़ी में चढ़ना बैठना और उतरना सिखाये।


Be aware  Be alert  Be safe

शेखावत साब

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